Technology Hindi Solution: Success Story

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Thursday, November 1, 2018

Prem Rawat Maharaj Ji का जीवन परिचय Biography in हिंदी - Technology Hindi Solution

November 01, 2018 0

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Maharaj Ji Ka Jivan Parichay Biography in Hindi ( प्रेम रावत महाराज जी का जीवन परिचय बायोग्राफी हिंदी में (jivan Kahani )

                                          
Biography of  Prem Rawat Maharaj in Hindi Prem Rawat Maharaj biography in Hindi शांति प्राप्त करने के लिए मनुष्य बाहर तो सब कुछ करने के लिए तैयार है परंतु मेरा यह कहना है कि “जिस शांति की मनुष्य को तलाश है वह उसके हद्य में पहले से ही विद्यमान है” केवल मनुष्य को अपनी बाहर जाती हुई वृत्तियों​ को अंदर की ओर मोड़ने की जरूरत है जिसके लिए उसे ज्ञान की आवश्यकता है (Prem Rawat Shanti Ka Sandesh,Shanti Ka Anubhav)
यदि आप अपने हृदय में उस शांति को प्राप्त करना चाहते हैं तब मैं आपकी मदद कर सकता हूं- प्रेम रावत महाराज(Prem Rawat Maharaj)

Prem Rawat Maharaj ji biography jeevan parichay in Hindi(प्रेम रावत महाराज जी का जीवन परिचय) shanti ka anubhav(शांति का अनुभव)


Biography Prem Rawat Maharaj in Hindi प्रेम रावत महाराज जी(Prem Rawat Maharaj Ji) का जन्म 10 दिसंबर 1957 में हरिद्वार नामक स्थान पर भारत में हुआ उनके पिता जी उनके माननीय सद्गुरु भी थे एक सरल किंतु गहरे संदेश पर प्रेम रावत महाराज(Prem Rawat Maharaj) पूरे विश्व में लोगों से आंतरिक शांति पाने की संभावना के बारे में चर्चा करते हैं, उनका संदेश शब्दों से कई अधिक महत्वपूर्ण है जो कि जो लोग अपने जीवन में शांति को अपनाना चाहते हैं उन्हें वे एक विधि बताते हैं जिसे वे “ज्ञान” कहते हैं
उनके संदेश से प्रभावित लोग उन्हें महाराज जी कहकर संबोधित करते हैं उनका उद्देश्य यही रहा है कि वह हर एक व्यक्ति के हद्य में विधमान शांति का अनुभव कराने में उसकी मदद कर सके

प्रेम रावत महाराज जी का बचपन बायोग्राफी इन हिंदी Prem Rawat Maharaj ji ka Bachpan biography in Hindi aur uplabdhiya


Prem Rawat Maharaj ka Bachpan biography in Hindi( Jeevan Story) उनके पिता जी और माननीय सद्गुरु के लिए आयोजित कार्यक्रमों में उन्होंने ज्ञान के बारे में मात्र 3 वर्ष की उम्र से ही बोलना शुरु कर दिया था और 4 वर्ष की उम्र में उन्होंने अपने पहले सार्वजनिक कार्यक्रम को संबोधित किया, जब वे 8 वर्ष के हुए तब उन्होंने आशा और शांति से भरी इस संदेश को पूरे विश्व में जन जन तक पहुंचाने की जिम्मेवारी संभाली, जिसे वे आज भी कुशलतापूर्वक निभा रहे हैं वे है-प्रेम रावत महाराज(Prem Rawat Maharaj Inspiration man) 
प्रेम रावत महाराज(Prem Rawat Maharaj) केवल 9 वर्ष की उम्र में ही उन्होंने भारतवर्ष में बड़ी संख्या में लोगों को अपने संदेश से आकर्षित कर लिया था, स्कूल की छुट्टियों के दौरान उन्हें 13 वर्ष की उम्र में ही लंदन और लॉस एंजेलिस में बोलने के लिए आमंत्रित किया गया, उसके बाद उन्हें निरंतर लगभग हर महाद्वीप से बोलने के लिए आमंत्रण आने लगेगा, तब से उन्होंने 80 से भी अधिक देशों के 250 शहरों में लोगों को संबोधित किया है

Prem Rawat Maharaj ke place invitation programme

सिडनी के ओपेरा हाउस, लंदन के रॉयल अल्बर्ट हॉल, न्यूयॉर्क के लिंकन सेंटर, बैंकॉक के यूनाइटेड नेशंस कॉन्फ्रेंस, विश्व के कई प्रसिद्ध यूनिवर्सिटीज तथा बिजनेस फोरम्स में उन्हें नियमित रूप से आमंत्रित किया जाता है जवाहरलाल नेहरु स्टेडियम दिल्ली भारत में हुए कार्यक्रम में 1 लाख 30 हजार श्रोताओं की रिकॉर्ड संख्या से यह स्टेडियम पहली बार खचा-खच भर गया था,उनके इस महान कार्य के लिए उन्हें संसार के कई शहरों की चाबियां सम्मान के रूप में प्रदान की गई है, उनके संदेश का अनुवाद 60 भाषाओं में किया जाता है जिसे 80 देशों में उपलब्ध कराया जाता है
प्रेम रावत महाराज का संदेश को अब तक 45 लाख से भी ज्यादा लोगों ने सुना है, श्रोताओं की लगातार बढ़ती हुई संख्या के बावजूद उनका संदेश प्रत्येक व्यक्ति को सही राह दिखाता है जो उनके संदेश को पढ़ते हैं या सुनने के लिए आते हैं- गुरु महाराज जी प्रेम रावत(guru Maharaj Ji Prem Rawat)
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Monday, July 2, 2018

सुभाष चंद्र बोस का जीवन परिचय - Technology Hindi Solution

July 02, 2018 0

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Subhash Chandra bosh Ka Jivan Parichay Kahani Hindi| सुभाष चन्द्र बोस का जीवन परिचय कहानी हिंदी में | Subhash Chandra Bose’s Biography in Hindi

                                             
Subhash Chandra bosh Ka Jivan Parichay Kahani Hindi,  अमृत संदेश भारत की जनता के हृदय सम्राट नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने दिया था जो महात्मा गांधी के साथ देश को स्वतंत्रता दिलाने प्रयासरत थे, नेता जी सुभाष चन्द्र बोस भारत के एक क्रन्तिकारी व्यक्ति थे, पुरे भारत में नेता के name से महसूर थे, जो भारत को आजादी दिलाने के लिए कई संघर्ष का सामना किया था, नेता सुभाष चन्द्र बोस का जीवन में अनेक संघर्ष को देखते हुए आज भी लाखो लोगो के दिल में याद है जो बहुत साहसी  व्यक्ति थे (Subhash chandra ka Jivan Parichay Hindi story, Subhash Chandra Boss Biography Story in Hindi)
” तुम मुझे खून दो मैं तुम्हें आजादी दूंगा
उनकी आवाज में जादू था उनमें भाषण की शक्ति और संगठन की क्षमता थी, उनका जीवन कर्तव्य की मूर्ति था
सुभाष चंद्र बोस( Subhash Chandra Bose) का जन्म 22 जनवरी 1897 ईसवीं को कटक (उड़ीसा) में हुआ था, इनके पिता का नाम बाबू जानकी नाथ बोस था, सुभाष चंद्र बोस राष्ट्रीय नेता 5 वर्ष की आयु में मिशनरी स्कूल में प्रविष्ट हुए, सुभाष चंद्र बोस मेधावी छात्र थे,

Subhash Chandra Bose ka jeevan parichay

1993 में सुभाष चंद्र बोस( Subhash Chandra Bose) ने मैट्रिक परीक्षा पास की, उसके बाद कलकत्ता में b.a. तक शिक्षा प्राप्त की, उंची शिक्षा के लिए सुभाष चंद्र बोस को विलायत भेजा गया, राष्ट्रीय नेता सुभाष चंद्र बोस I.C.A की परीक्षा में छठा स्थान प्राप्त किया
भारत लौटने पर अंग्रेज सरकार ने सुभाष चंद्र बोस को उच्च स्थान दिया किंतु अंग्रेजों द्वारा की गई भारतीय जनता की दुर्दशा को देख कर सुभाष चंद्र बोस ने नौकरी से त्यागपत्र दे दिया, और देश सेवा के लिए गांधीजी के असहयोग आंदोलन में जुट गए

Subhash Chandra Bose Rashtriya neta ka jeevan Sangharsh

इस पर सुभाष चंद्र बोस( Subhash Chandra Bose) को 6 महीने के लिए जेल में डाल दिया गया, 1924 में महात्मा गांधी जी के नमक सत्याग्रह में कथा 1935 में भी सुभाष चंद्र बोस( Subhash Chandra Bose) ने जेल यात्रा की
सुभाष चंद्र बोस यूरोप से लौटने पर इनको कांग्रेस का सभापति चुना गया परंतु यह गर्म विचारों के थे अतः गांधी जी के नरम विचारों से इनका मेल न खाया, इन्होंने शीघ्र ही सभापति पद त्याग दिया और नया “फॉरवर्ड ब्लॉक” दल बना लिया

Subhash Chandra Bose Rashtriya neta angrejo Ka Saamna

सुभाष चंद्र बोस( Subhash Chandra Bose) जोशीले भाषण से घबराकर अंग्रेज सरकार ने इनको घर पर नजरबंद कर दिया, इन्होंने घर में रहते हुए दाढ़ी बना ली और वेश बदलकर पेशावर जा पहुंचे, सुभाष चंद्र बोस( Subhash Chandra Bose) अनेक कष्टों को झेलते हुए जर्मनी से जापान पहुंचे, यहां पर इन्होंने भारत को स्वतंत्रता करवाने के लिए “आजाद हिंद फौज” की स्थापना की,
इनकी सैनिक शक्ति को देकर अंग्रेजों के पाव उखड़ गए, टोकियो जाते समय 6 फरवरी 1945 को विमान दुर्घटना में सुभाष चंद्र बोस स्वर्ग सिधार गए, सुभाष चंद्र बोस की मृत्यु से सारे देश में सन्नाटा छा गया तथा लोग बहुत दुखी हुए
सुभाष चंद्र बोस( Subhash Chandra Bose) राष्ट्रीय नेता बलिदान ही वह रंग लाया की अंग्रेजों को आजाद हिंद फौज के प्रति मुकदमा चलाते हुए भी उसके नेताओं को क्षमा करना पड़ा और थोड़े ही दिनों में भारत को स्वतंत्र करना पड़ा।(Subhash Chandra Bose Ka Jivan Parichay Hindi Story,Subhash Chandra Bose Biography in Hindi )
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Mahatma Gandhi Essay Story Mahatma Gandhi Jivan Kahani - Technology Hindi Solution

July 02, 2018 0

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महात्मा गांधी का जीवन परिचय हिंदी (Mahatma Gandhi Jivan Parichay Kahani)

“चल पड़े जिधर दो डग पथ में, चल पड़े कोटि पग उसी ओरपड़ गई जिधर भी एक दृष्टि, गढ़ गए कोटी दृग उसी ओर”

Mahatma Gandhi ji ke baare mein Janam tithi aur Mata Pita( about Of Mahatma Gandhiji date of birth  and  parents  in Hindi) |महात्मा गांधी जी के बारे में जन्म तिथि और माता पिता

महात्मा गांधी जी(Mahatma Gandhi Ji) का जन्म 2 अक्टूबर 1869 ई౦ को काठियावाड़ में पोरबंदर में हुआ, इनका पूरा नाम मोहनदास करमचंद गांधी(Mohan Dash Karamchand Gandhi) था इनके पिता का नाम करमचंद तथा माता का नाम पुतलीबाई था गांधी जी(Gandhi ji) की प्रारंभिक शिक्षा राजकोट की पाठशाला में हुई जब यह केवल 13 वर्ष के थे तब इनका विवाह कस्तूरबा से हुआ उस समय हाई स्कूल में पढ़ते थे।
                                       
1887 में मैट्रिक की परीक्षा पास करने के बाद यह कानून की शिक्षा प्राप्त करने इंग्लैंड गए 14 वर्ष के बाद बैरिस्टर बनकर भारत लौटे, गांधीजी को 1 मुकदमे के संबंध में दक्षिणी अफ्रीका जाना पड़ा वहां भारतीयों की दुर्दशा देखकर इन्होने सत्याग्रह का मार्ग अपनाया इनका अपमान भी हुआ, पर इस सत्याग्रह में इनकी जीत हुई

Mahatma Gandhi ji ka Andolan | महात्मा गांधी जी का आंदोलन( Mahatma Gandhi Ji ka Jeevan Parichay motivational story)

स्वदेश लौटने पर गांधी जी ने स्वतंत्रता प्राप्ति के लिए महात्मा गांधी जी ने स्वतंत्रता की लड़ाई शुरुआत की, यह लड़ाई अहिंसा तथा सत्य की लड़ाई थी, 1920 में असहयोग आंदोलन तथा 1942 में भारत छोड़ो आंदोलन से अंग्रेज सरकार की जडे़ हिल गई थी
महात्मा गांधी जी ने अछूतोद्धार के लिए बहुत काम किया आपने अछूत कहे जाने वाले लोगों को हरिजन नाम दिया, महात्मा गांधी जी कहा करते थे कि यदि मुझे अगला जन्म मनुष्य के रूप में मिले तो मैं एक अछूत के घर में पैदा होना चाहता हूं

Mahatma Gandhiji ke Swatantrata Prapti Or Mratyu   mahatma Gandhi Ji ka Jeevan Parichay nibandh kahani) |महात्मा गांधी जी के स्वतंत्रता प्राप्ति और मृत्यु

महात्मा गांधी जी(Mahatma Gandhi Ji) के प्रयत्नों से 15 अगस्त 1947 ईस्वी को देश को स्वाधीनता प्राप्त हुई 30 जनवरी को प्रार्थना सभा में नाथूराम गोडसे नामक व्यक्ति ने गोली मारकर गांधी जी की हत्या कर दी, इससे भारत में ही नहीं पूरे विश्व में शोक छा गया, दिल्ली में राजघाट पर गांधी जी की समाधि बनी हुई है
यद्यपि की गांधी जी का पार्थिव शरीर अब हमारे बीच नहीं है तथापि उनके उपदेश, उनके आदर्श तथा उनके पवित्र विचार आज भी हमें प्रेरणा दे रहे हैं, हमें उनके बताए गए मार्ग पर चलना चाहिए तथा उनके तीन प्रमुख सिद्धांतों को कभी नहीं भूलना चाहिए

Mahatma Gandhi ji ke Siddhant | महात्मा गांधीजी के सिद्धांत

  1. सत्य और अहिंसा
  2. सांप्रदायिक एकता
  3. अछूतोद्धार

mahatma Gandhi ji का महत्वपूर्ण कथन

बुरा मत देखो, बुरा मत सुनो, बुरा मत बोलो
हमारा यह कर्तव्य है कि हम शपथ उठाए कि उनकी शिक्षाओं को जीवन में अपनाने का भरसक प्रयास करेंगे, जब से महात्मा गांधी द्वारा स्वतंत्रता दिलाने के बाद हमे खुली हवा में साँस लेना बहुत अच्छा लगता है किन्तु खुली हवा का और स्वतंत्रता और आजादी का श्रेय किस्से जाता है? वो है महात्मा गांधी जी(Mahatma Gandhi ji) के द्वारा जो धोती कुर्ता पहने और हाथ में लाठी लिए और मुस्कान के साथ साथ देश को आजादी दिलाने का संघर्ष निवार्थ भाव से लड़ता रहा-Mahatma Gandhi Ji(Mohan Dash Karamchand Gandhi)
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Mark Zuckerberg facebook Biography success - Technology Hindi Solution

July 02, 2018 0

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Mark ZuckerBerg Biography Success Story kahani hindi | मार्क ज़ुकेरबर्ग बायोग्राफी सक्सेस स्टोरी कहानी हिंदी 

facebook एक social Networking site है facebook का CO Founder or CEO-Mark Zuckerberg है facebook Founder story biography में बताया गया है की आज की दुनिया में facebook दुनिया के सबसे बड़े Billions में से एक है

                                           
Mark Zuckerberg Biography Data in hindi | फेसबुक मार्कज़ुकेरबर्ग बायोग्राफी डाटा इन हिंदी

Mark Zuckerberg Full Name- Mark Elliot Zuckerberg
Mark Zuckerberg’s DOB (Date of Birth)- 14 May 1984
Born Place- White Plains, New York, United States
Father’s name- Edward Zuckerberg
Mother’s name- Karen Kempner
Girlfriend​ Name- Priscilla Chan
Wife Name- Priscilla Chan
Residence- Polo Alto, California, U.S.
Education- Harvard University (2002-2004)
Net Worth- US $63.3 Billions (May 2017)

Biography Mark Zuckerberg Ki jivani Kahani | Facebook Mark Zuckerberg’s Story in Hindi | 


बायोग्राफी मार्क ज़ुकेरबर्ग की जीवनी कहानी


FB Founder Mark Zuckerberg अमेरिका Computer Programmer और Internet Worker है Mark Zuckerberg ने Internet की दुनिया में Facebook लाकर Social Media क्रांति को बढ़ावा दिया, Mark Zuckerberg के पिता एडवर्ड ज़ुकेरबर्ग(Edward Zuckerberg) है जो एक दंत चिकित्सक है और उनके माता Karen Kempner है जो एक मनोचिकित्सक है Mark Zuckerberg ने Social Networking Facebook Website की स्थापना एक हॉस्टल के कमरे में ही बनाई थी मार्क Zuckerberg अपनी वेबसाइट Facebook पर ध्यान केंद्रित करने के लिए हार्वर्ड को छोड़ दिया, मार्क Zuckerberg ने छोटी उम्र में Computer में रुचि development की,
Mark Zuckerberg जब 12 वर्ष के थे तो उन्होंने Atari basic प्रोग्राम का इस्तेमाल करके Messasing Programme बनाया जिसका नाम ” जकनेट” था, अपने दोस्तों के साथ गेम खेलने के लिए उन्होंने Computer Game भी बनाया था, Mark Zuckerberg के parents Edward और Karen Kempner ने computer में रूचि बनाये रखने के लिए अपने Private computer “Tutor Devid Newman” को हर सप्ताह में एक बार घर आने को नियुक्त किया, david ने बाद में कहाँ की यह आगे बढ़ने के लिए मुश्किल था, इसलिए उन्होंने उसी time Mercy Collage में Admission  लिया और Graduate Course करना शुरु कर दिया था
बाद में Zuckerberg ने  New Hampshire में an exclusive preparatory school, Phillips Exeter Academy में पढाई  किया। वहां उन्होंने अपनी प्रतिभा दिखाई, और स्कूल टीम का captain बना। साथ ही Mark ने MP3 Player भी बनाया जिसमें एक MP3 Player की List बन जाती थी उसमें ऐसा System बनाया था कि User के एक्टिविटीज से MP3 लिस्ट बन जाती थी जो User अभी सुनना चाहता है Mark Zuckerberg को 2003 में FaceMash बनाने का विचार आया, Mark ने Harvard का डाटा बेस को Hack करने का सोचा जो कॉलेज के स्टूडेंट अपनी Profile Photo Upload करते थे, Mark ने जल्दी ही एक Program बनाया जो Auto 2 Female की Image show करता हो और उस पर वोटिंग चलता हो इन दोनों में से सबसे ज्यादा Beautiful कौन है
यह देखते हुए बहुत ही कम समय में बहुत ज्यादा Traffic आ गए थे Site पर ज्यादा से ज्यादा Traffic Harvard College से थे, अधिक संख्या में Traffic बढ़ने से Website server Crash हो गया था, इस स्थिति में Mark Zuckerberg पर Hacking मामला का इल्जाम लगा दिया था क्योंकि Mark Photo का Data base hack कर ली थी इसलिए Mark को कमेटी में बुलाया गया, और सुनवाई की,
अब आती है Facebook जो Mark ने बहुत ही कम समय में बाकी प्रोग्राम की तरह Facebook को भी बना लिया था जो आज पूरी दुनिया उपयोग करती है फरवरी 2004 में Mark ने TheFacebook.com Domain Name Register किया और Website बनाई जो आज facebook.com के नाम से जाना जाता है, mark ने अपने Friend  Eduardo Saverin के साथ काम किया, Starting में Facebook Project पर सबसे पहले Eduardo ने Invest किया था

Mark Success Story Hindi | मार्क ज़ुकेरबर्ग की कहानी हिंदी

जब Facebook पर 4000 से ज्यादा ट्रैफिक हो गई थी तब Mark और उसके partner Eduardo Saverin ने Website और अच्छी तरह से काम करने के लिए कुछ नए प्रोग्राम को काम पर लगा दिया था, 2005 में Facebook पूरे USA के सभी विश्वविद्यालयों और संस्थाओं में इसका उपयोग होने लगा, पहले Facebook को केवल Student के लिए बनाई गई थी जैसे ही जैसे Facebook पर बहुत तेजी से Traffic बढ़ने लगे और 50 Millions ट्रैफिक पहुंच गए थे और Yahoo कंपनी ने 900 Millions $Doller खरीदने का Offer दिया लेकिन Mark ने पूरी तरह से मना कर दिया जो कि बहुत बड़ी रकम थी
धीरे धीरे Facebook का उपयोग पूरी दुनिया में उपयोग होने लगा और आज Facebook पूरी दुनिया का सबसे बड़ी Social Site बन गई है, आज Mark Zuckerberg पूरी दुनिया के सबसे बड़े Youngest Millions में से एक है, Facebook Website का Founder Mark Zuckerberg की Girlfriend भी थी, जिसका नाम Priscilla Chan थी, जिन्होंने Mark ने 19 May 2012 को अपनी गर्लफ्रेंड Priscilla Chan से शादी कर ली, आज वे दोनों बहुत खुश है
FB Founder Mark Zuckerberg की Success Story in Hindi में​ पढ़ कर आपको बहुत पसंद आई होगी, अगर मार्क जुकरबर्ग की कोई कहानी स्टोरी बाकी रह गई हो तो हमें कमेंट करके या Guest Post कर सकते हैं Mark Zuckerberg Biography in Hindi Success Life Story Hindi
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