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Sunday, July 8, 2018

कॉलेजों में अतिथि शिक्षक बनने दूसरे प्रदेशों के आवेदक भी आए सामने

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कॉलेजों में अतिथि शिक्षक बनने दूसरे प्रदेशों के आवेदक भी आए सामने


0 उच्च योग्यताधारी आवेदकों के आने से इस बार कड़ी प्रतिस्पर्धा 0 संभाग के अधिकांश कॉलेजों में सेटअप के अनुरूप नहीं हो सकी है पदस्थापना अंबिकापुर । नईदुनिया प्रतिनिधि सरगुजा विवि से संबद्घ शासकीय कॉलेजों में सहायक प्राध्यापकों के रिक्त पदों पर अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति करने का शासन का आदेश अभी नहीं पहुंचा है, लेकिन कॉलेज प्रबंधनों द्वारा पहल


0 उच्च योग्यताधारी आवेदकों के आने से इस बार कड़ी प्रतिस्पर्धा
0 संभाग के अधिकांश कॉलेजों में सेटअप के अनुरूप नहीं हो सकी है पदस्थापना
सरगुजा विवि से संबद्घ शासकीय कॉलेजों में सहायक प्राध्यापकों के रिक्त पदों पर अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति करने का शासन का आदेश अभी नहीं पहुंचा है, लेकिन कॉलेज प्रबंधनों द्वारा पहले से ही आवेदन आमंत्रित कर लिए जा रहे हैं ताकि शासन का आदेश मिलते ही अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया को पूर्ण कर पढ़ाई शुरू करा दी जाए। इस बार कई कॉलेजों में दूसरे प्रांतों से भी बड़ी संख्या में योग्यताधारी आवेदकों के आवेदन प्राप्त हुए हैं। अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति में भी आवेदकों के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा होगी। शासन द्वारा पूर्व के वर्षों में अलग-अलग डिग्री के आधार पर अंकों का निर्धारण किया गया था। इस बार भी उसी आधार पर तैयार होने वाली मेरिट सूची से नियुक्ति प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

सरगुजा विवि से संबद्घ शासकीय कॉलेजों में सहायक प्राध्यापकों के पद वर्षों से खाली पड़े हुए हैं। पिछले दो-तीन वर्षों से कुछ पदों पर नियुक्ति की गई है। दूसरे कॉलेजों से संभाग के कॉलेजों में सहायक प्राध्यापक स्थानांतरित भी किए गए हैं, लेकिन सेटअप के अनुरूप शायद ही किसी कॉलेज में पदस्थापना हो सकी है। यही वजह है कि हर वर्ष अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति कर अध्ययन की सुविधा विद्यार्थियों को उपलब्ध कराई जाती है। इस वर्ष शासन से अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति का आदेश नहीं आया है,लेकिन अधिकांश शासकीय कॉलेजों द्वारा पहले से ही अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति के लिए आवेदन मंगाए जा रहे हैं। 1 जुलाई से कॉलेजों में पढ़ाई शुरू करने का भी निर्देश दिया गया था, इसलिए पहले से ही आवेदन मंगाकर रखने का काम पूरा किया जा रहा है, ताकि शासन का आदेश मिलते ही नियुक्ति प्रक्रिया पूरी कर ली जाए। इस बार अतिथि शिक्षक बनने के लिए छत्तीसगढ़ के अलावा मध्यप्रदेश, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा से भी आवेदन आए हैं। नेट, सेट उत्तीर्ण आवेदकों के साथ उच्च योग्यताधारियों के पहुंचने से इस बार कॉलेज प्रबंधनों को भी अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति में सावधानी रखनी होगी। योग्यता और विभिन्न परीक्षाओं में प्राप्त अंकों की मेरिट के आधार पर मेरिट सूची तैयार होगी। उस सूची के अनुरूप कॉलेजों में विषयवार रिक्त पदों के लिए अतिथि शिक्षक नियुक्त होंगे।

23 पदों के लिए 400 से अधिक आवेदन
पीजी कॉलेज में सहायक प्राध्यापकों के 23 पद रिक्त हैं। इन पर अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति की जानी है। पीजी कॉलेज प्रबंधन को इन पदों के लिए 400 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं। 25 जून तक आवेदन पत्र आमंत्रित किए गए थे। अंतिम तिथि के बाद भी डाक से दर्जनों आवेदकों के आवेदन पहुंच रहे हैं, जिन्हें अब स्वीकार नहीं किया जा रहा है। बताया गया कि उच्च योग्यताधारी आवेदक, अतिथि शिक्षक बनने के लिए आवेदन कर चुके हैं। दूसरे कॉलेजों में भी आवेदन लिए जा रहे हैं।

शासन के आदेश की प्रतीक्षा
उच्च शिक्षा विभाग द्वारा शासकीय कॉलेजों में 1 जुलाई से कक्षाओं का संचालन करने आदेश जारी कर दिया गया है, लेकिन सहायक प्राध्यापकों के रिक्त पदों पर अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति संबंधित अभी तक आदेश नहीं मिलने से सभी सरकारी कॉलेजों द्वारा आवेदनों को मंगाकर रख लिया है। आवेदनों पर अभी कोई प्रक्रिया नहीं अपनाई जा रही है। जैसे ही शासन से आदेश प्राप्त होगा, वैसे ही आवेदन पत्रों की छंटाई और मेरिट सूची तय कर अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति कर दी जाएगी।

सहायक प्राध्यापकों के रिक्त पदों पर हर वर्ष अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति होती है, ताकि कॉलेजों में अध्ययन-अध्यापन प्रभावित न हो। इस वर्ष अभी आदेश नहीं आया है, लेकिन आवेदन मंगा लिए गए हैं, ताकि आदेश मिलते ही अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया पूरी कर पढ़ाई व्यवस्थित तरीके से शुरू कराई जाए।
डा. एसके त्रिपाठी
अपर संचालक, उच्च शिक्षा विभाग
                                      

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