Technology Hindi Solution

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Wednesday, July 31, 2019

JCB ka Kya hai MATLAB in Hindi

July 31, 2019 0

        JCB ka Kya hai MATLAB in Hindi

JCB ने सोशल मीडिया पर सनसनी मचाई हुई है. कई दिनों से #JCBkikhudai टॉप ट्रेंड कर रहा है. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर जेसीबी मशीन (JCB Machine) पर बन रहे मीम्स की बाढ़ आ चुकी है. सेलेब्रिटी से लेकर ट्विटर यूजर्स ने जेसीबी को जमकर ट्रेंड कराया. ट्रेंड होने के बाद जेसीबी ने लोगों का शुक्रिया किया है. यूजर्स ने पिछले दिनों में कई जेसीबी के पुराने वीडियो अपलोड किए हैं. जहां जेसीबी बिल्डिंग गिरा रही है तो कहीं जेसीबी बिल्डिंग बनाने में मदद कर रही है. 
JCB ka Kya hai MATLAB in Hindi

क्यों बन रहे हैं जेसीबी पर Memes


भारत में जब जेसीबी मशीन खुदाई करती है तो वहां काफी संख्या में लोगों की भीड़ मौजूद होती है. जो फालतू में अपना टाइम खुदाई देखकर गंवा रहे होते हैं. इसी बात को लेकर पिछले काफी समय से सोशल मीडिया पर जोक्स बनाए जा रहे थे लेकिन किसी वजह से ज्यादा वायरल नहीं हुए थे. लेकिन लोकसभा चुनाव खत्म हुआ तो सोशल मीडिया से राजनीति की विदाई हो गई और जेसीबी की धमाकेदार एंट्री हो गई.
JCB ka Kya hai MATLAB in Hindi


इस फोटो के शेयर होने के कुछ समय बाद ही JCB सोशल मीडिया का सबसे बड़ा ट्रेंड बन गया। हर कोई इसे लेकर Memes बनाने लगा या फिर Memes शेयर करने लगा। सनी लियोनी की यह फोटो Facebook से लेकर Twitter और Instagram तक पर खुब वायरल हुई, लेकिन अब इससे भी ज्यादा #JCBkiKhudai वायरल हो रहा है।
JCB ka Kya hai MATLAB in Hindi

JCB Ki Khudai हैशटैग इतना वायरल हुआ कि इसे लेकर JCB ने खुद अपने ट्विटर अकाउंट पर ट्विट कर डाला।

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Monday, June 17, 2019

fixed and variable cost / benefit in Hindi - Technology hindi Solution

June 17, 2019 0

         fixed and variable cost / benefit in Hindi

 
fixed and variable cost / benefit in Hindi

What is fixed and variable cost / benefit (स्थिर तथा अस्थिर लागत व लाभ) :- 

सिस्टम से जुडी स्थिर लागत वह होती है जो की अपरिवर्तित रहती है ,चाहे सूचना सिस्टम को कैसे भी चलाया जाए ? इसे एक समय लगने वाली कीमत भी कहते है | 

उदाहरण के लिए कंप्यूटर हार्डवेयर को खरीदने की लागत ,सूचना सिस्टम के प्रयोग के कारण होने वाला डेप्रिसिएशन,फर्नीचर तथा बिजली की फिटिंग में होने वाले खर्च आदि | 

ठीक उसी प्रकार सूचना प्रणाली से एक ही बार मिलने वाले लाभ स्थिर लाभ की श्रेणी में आते है|

Example: नए इनफार्मेशन सिस्टम से कर्मचारियों में होने वाली कमी का लाभ आदि |अस्थिर लागत वे होती है जो बार-बार बदलती रहती है जैसे -बिजली का बिल ,मशीन के रखरखाव का खर्च आदि |  इसी तरह अस्थिर लाभ भी बार-बार बदलते रहते है |


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Sunday, June 16, 2019

cost & benefits analysis in hindi - Technology hindi Solution

June 16, 2019 0

                cost & benefits analysis in hindi

 cost & benefits analysis in hindi

what is cost benefits analysis :- 

डाटा स्टोरेज सिस्टम एनालिसिस का केवल एक अंग है | डाटा टेस्टिंग ,स्तिथि का जायजा करना ,विकल्पों पर विचार करना तथा कैंडिडेट सिस्टम निर्धारित करना अगले कदम है | प्रत्येक विकल्प की लागतो तथा लाभ से अन्यों की तुलना में किसी एक विकल्प को चयनित करने का मार्गदर्शन मिलता है | 

                         Types of Cost &Benefits analysis 

• Tangible or Intangible Cost/Benefit 
• Direct and Indirect Cost/Benefit 
• Fixed and Variable Cost/Benefit 

Tangible or Intangible Cost/Benefit (स्पर्शनीय और अस्पर्शनीय लागत व लाभ) Tangible किसी भी वस्तु का वह गुण है,जिसकी सहायता से उसकी कीमत तथा लाभ का आसानी से पता लगाया जा सकता है | Example: कंप्यूटर हार्डवेयर तथा सॉफ्टवेयर को खरीदने की कीमत,कर्मचारी का वेतन ,व्यक्तियों को दिए जाने वाले प्रशिक्षण में लगी कीमत आदि सिस्टम से संबंधित Tangible cost के उदाहरण है | इस प्रकार की लागतो को संगठन के खातो में भी नहीं लिखा जाता है |कुछ कीमतों को पहचाना भी जा सकता है , लेकिन आर्थिक मूल्यों में उन्हें रिप्रेजेंट करना कठिन होता है | इस प्रकार की लागत को Intangible cost कहते है| 

Example: नए सिस्टम में कुछ कमी के कारण इंडस्ट्री में संगठन की प्रतिष्ठा में कमी आदि| Information System से मिलने लाभ को भी Tangible तथा Intangible वर्गों में बांटा जा सकता है | लागत की तरह लाभ को भी कभी –कभी आर्थिक मूल्यों में मापना कठिन होता है,जैसे प्रबंधकीय निर्णय प्रणाली प्रणाली में सुधार,ग्राहक की बढ़ती संतुष्टि आदि | इसके अतिरिक्त कुछ लाभ Tangible होते है ,जिन्हें मापा जा सकता है | 

Example: Information system के विकास में डाटा प्रोसेसिंग की गति में तेजी ,डाटा प्रोसेसिंग की लगत में कमी आना आदि | बहुत से संगठनों में ऐसा देखा गया है कि प्रबंधक Intangible cost तथा लाभों को अनदेखा कर देते है जो की पुर्णतः गलत है, क्योकि Tangible तथा Intangible Cost &Benefits की मात्रा लगभग सामान ही होती है| 

Direct and Indirect Cost/Benefit (प्रत्यक्ष तथा अप्रत्यक्ष लागत व लाभ) लागत लेखांकन के अनुसार किसी भी प्रोजेक्ट से दो तरह की लागत जुडी होती है | डायरेक्ट कास्ट वह होती है ,जिसका प्रोजेक्ट के ऑपरेशन से सीधा सम्बन्ध होता है अर्थात वे सभी खर्चे जो की सूचना सिस्टम को चलाने के लिए किये जाते जाते है , वे डायरेक्ट कास्ट की श्रेणी में आते है | 

Example: कंप्यूटर स्टेशनरी की खरीद ,सीडी की कीमत ,कंप्यूटर ऑपरेटर्स का वेतन आदि| ठीक इसी प्रकार से प्रत्यक्ष लाभ वे होते है जो की सिस्टम के ऑपरेशन से हमें सीधे प्राप्त होते है |इसके विपरीत वे लागते जो की सिस्टम के ऑपरेशन से सीधी जुडी हुई नहीं होती है, लेकिन सिस्टम को चलाए रखने के लिए खर्च की जाती है ,उसे अप्रत्यक्ष लागत कहते है| 

Example: एक कंप्यूटराइज्ड इनफार्मेशन सिस्टम बनाने में इंडस्ट्री में संगठन की छवि बढ़ती है | कंप्यूटराइज्ड सिस्टम होने के कारण कम कर्मचारियों की आवश्यकता होती है 

Fixed and Variable Cost/Benefit (स्थिर तथा अस्थिर लागत व लाभ) सिस्टम से जुडी स्थिर लागत वह होती है जो की अपरिवर्तित रहती है ,चाहे सूचना सिस्टम को कैसे भी चलाया जाए ? इसे एक समय लगने वाली कीमत भी कहते है | 

उदाहरण के लिए कंप्यूटर हार्डवेयर को खरीदने की लागत ,सूचना सिस्टम के प्रयोग के कारण होने वाला डेप्रिसिएशन,फर्नीचर तथा बिजली की फिटिंग में होने वाले खर्च आदि | ठीक उसी प्रकार सूचना प्रणाली से एक ही बार मिलने वाले लाभ स्थिर लाभ की श्रेणी में आते है|

 Example: नए इनफार्मेशन सिस्टम से कर्मचारियों में होने वाली कमी का लाभ आदि | अस्थिर लागत वे होती है जो बार-बार बदलती रहती है जैसे -बिजली का बिल ,मशीन के रखरखाव का खर्च आदि | इसी तरह अस्थिर लाभ भी बार-बार बदलते रहते है |

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Wednesday, June 12, 2019

Data Analysis in hindi ( What is the data analysis ? )- Technology hindi Solution

June 12, 2019 0

      data analysis kya hota hai  ( What is the data analysis ? )

लागत लाभ विश्लेषण (cost benefit analysis) के लिए डाटा विश्लेषण आवश्यक है | सिस्टम की जांच-पड़ताल तथा डाटा संग्रहण वर्तमान उपलब्धियों का आंकलन होता है | हमारी रूचि यह पता करने में है की कैसे कुछ कदम पूरी कार्यकुशलता के साथ संपन्न किये जाते है, कैसे वे वांछित लक्ष्यों की प्राप्ति में मदद कर सकते है तथा कैसे निर्माण की लागत सुधारी जा सकती है | डेटा विश्लेषण निर्णय को अधिक वैज्ञानिक बनाने और व्यवसाय को प्रभावी संचालन करने में मदद करता है। इसका उपयोग विभिन्न व्यवसाय, विज्ञान और सामाजिक विज्ञान डोमेन में किया जा रहा है।
Data Analysis  in hindi ( What is the data analysis ? )


विश्लेषण से सिस्टम डिजाईन संबंधी आवश्यकताओं को पहचाना जाता है| आवश्यक सुधार करने के लिए कैंडिडेट सिस्टम में इन फीचर को शामिल किया जाना चाहिए |

सिस्टम की आवश्यकताए निम्नाकित है –
• बेहतर ग्राहक सेवा |
• सूचना को फिर से प्राप्त करने की तीव्र गति |
• नोटिस की त्वरित तैयारी |
• बिलिंग की बेहतर विशुद्धता |
• प्रोसेसिंग और ऑपरेटिंग में सुधार|
• स्टाफ की कार्यकुशलता में सुधार |
• त्रुटियाँ हटाने के लिए ससंगत बिलिंग प्रक्रिया |

डिजाईन सम्बन्धी इन उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिए विभिन्न विकल्पों का पता करना होगा | यदि साधारणतः एक से अधिक विकल्प हो | एनालिस्ट उनमे से केवल उनका चयन करता है जो आर्थिक, तकनीकी और संचालन की द्रष्टि से उपयुक्त होते है | प्रत्येक विधि के अपने लाभ और नुकसान है |

                                           Process of Data Analysis

Data requirements
o डेटा विश्लेषण के लिए इनपुट के रूप में आवश्यक हैं, जो विश्लेषक या ग्राहकों (जो विश्लेषण के तैयार उत्पाद का उपयोग करेंगे) की आवश्यकताओं के आधार पर बनाया जाता है।

Data collection
o विभिन्न स्रोतों से डेटा एकत्र किया जाता है।
o डेटा को विभिन्न सेंसर के माध्यम से भी एकत्र किया जा सकता है, जैसे ट्रैफ़िक कैमरा, उपग्रह, रिकॉर्डिंग डिवाइस आदि।
o यह इंटरव्यू, ऑनलाइन डाउनलोड, प्रश्नावली के माध्यम से भी प्राप्त किया जा सकता है|

Data processing
o प्रारंभ में प्राप्त डेटा को विश्लेषण के लिए संसाधित या व्यवस्थित किया जाना चाहिए। उदाहरण के लिए, प्राप्त डाटा को टेबल के रूप में रखा जा सकता है जिसके लिए विभिन्न स्प्रेडशीट या डेटाबेस मैनेजमेंट सॉफ्टवेर का प्रयोग किया जा सकता है|

Data cleaning
o एक बार संसाधित और व्यवस्थित होने के बाद, डाटा अधूरा, डुप्लिकेट या उसमे त्रुटियां हो सकती हैं।
o Data cleaning इन त्रुटियों को रोकने और ठीक करने की प्रक्रिया है। सामान्य कार्यों में शामिल हैं
रिकॉर्ड मिलान (record matching)
डेटा की सटीकता की पहचान करना (identifying accuracy of data)
मौजूदा डेटा की समग्र गुणवत्ता (overall quality of existing data)
डिडुप्लीकेशन (de-duplication) – इसके अंतर्गत डाटा में से डुप्लीकेट डाटा को अलग किया जाता है|
डाटा को कॉलम में विभाजन (column segmentation)

Exploratory data analysis
o एक बार डाटा स्पस्ट या डाटा के clean हो जाने के बाद, इसका विश्लेषण किया जा सकता है।
o विश्लेषक डेटा में निहित संदेशों को समझने के लिए डेटा विश्लेषण के रूप में विभिन्न तकनीकों का प्रयोग कर सकता है।

Modeling and algorithms
o गणितीय सूत्र या मॉडल जिसे एल्गोरिदम कहा जाता है, एल्गोरिदम को चर (variable) के बीच संबंधों की पहचान करने के लिए डेटा पर लागू किया जा सकता है।

Data product
o डाटा उत्पाद एक कंप्यूटर अनुप्रयोग है जो डाटा को इनपुट के रूप में लेता है और आउटपुट उत्पन्न करता है।
o यह एक मॉडल या एल्गोरिथ्म पर आधारित हो सकता है।
o उदाहरण के लिए कोई एक एप्लीकेशन कस्टमर की पुरानी खरीदों का विश्लेषण करता है और उन्हें उनके जरूरतों के आधार पर नए प्रोडक्ट दिखता है|

Communication
o एक बार डाटा का विश्लेषण हो जाने के, उपयोगकर्ताओं को उनकी आवश्यकताओं के आधार पर कई स्वरूपों में प्रस्तुत किया जा सकता है। उपयोगकर्ताओं की प्रतिक्रिया के अनुसार इसे दुबारा अतिरिक्त विश्लेषण के लिए भेजा जा सकता है।

o विश्लेषक उपयोगकर्ताओं को डाटा को स्पष्ट रूप से और कुशलता से संवाद करने के लिए विभिन्न डाटा विज़ुअलाइज़ेशन तकनीकों का प्रयोग कर सकता है। जैसे चार्ट, टेबल इत्यादी है।

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Monday, June 10, 2019

feasibility study and its types ( feasibility study in hindi )- Technology hindi Solution

June 10, 2019 0

                    feasibility study in hindi

feasibility study  के अंतर्गत मौजूदा सिस्टम (Existing System) में थोडा सुधार करना है या पूरी तरह से नए सिस्टम का विकास करना है, इस बात पर विचार किया जाता है| Feasibility स्टडी समस्या के ओवरव्यू को समझने में मदद करती है| Feasibility स्टडी यह सुनिश्चित करने के लिए की जाती है,की प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाना है ,या पोस्टपोन करना है या केंसिल करना है |
feasibility study and its types ( feasibility study in hindi )

                feasibility study meaning

किसी भी सिस्टम की सफलता के लिए सिस्टम की क्षमता का परीक्षण करना Feasibility Study कहलाती है। Feasibility study का मुख्य उद्देश्य यह निर्धारित करना है कि सिस्टम को विकसित करना financially तथा technically रूप से संभव है या नही।

Feasibility study का उद्देश्य problem को solve करना नही होता है बल्कि यह निर्धारित करना है कि प्रॉब्लम को solve किया जा सकता है या नही।इसमें सिस्टम में आने वाली सभी समस्याओ को एनालिसिस किया जाता है, और सिस्टम की जानकारी को गहराई से जाँचा जाता है एवं यह निर्धारित किया जाता है कि सिस्टम को विकसित करने में किस प्रकार से सफलता पायी जा सकती है।

                                 feasibility study types

Feasibility study तीन प्रकार की होती है|

1. Economical Feasibility2. Technical Feasibility3. Operational Feasibility

1.Economical Feasibility: – इस फिजिबिलिटी में यह निर्धारित किया जाता है कि जो प्रस्तावित सिस्टम है उसमें कितना खर्चा आएगा तथा उसमें कितना लाभ मिलेगा? Economic Feasibility को cost benefit analysis भी कहते है।

2.Technical Feasibility:- इस फिजिबिलिटी में सिस्टम की टेक्निकल जरूरतों को निर्धारित किया जाता है। इसमें यह देखा जाता है कि जो प्रस्तावित सिस्टम है उसके लिए जो टेक्नोलॉजी चाहिए वह उपलब्ध हो तथा उस टेक्नोलॉजी को सिस्टम में किस प्रकार integrate किया जायें। नयी टेक्नोलॉजी में आने वाली सभी प्रकार की जटिलताओं को संभालने के लिए तकनीकी रूप से सक्षम एक्सपर्ट की जरुरत भी होती है।

3.Operational Feasibility:- इस फिजिबिलिटी में यह निर्धारित किया जाता है कि एक प्रस्तावित सिस्टम किस प्रकार समस्याओ का समाधान करेगा तथा सिस्टम में किस प्रकार के बदलाव आये है? इसमें यह देखा जाता है कि जो सिस्टम है क्या वह यूज़र्स के लिए लाभकारी है या नही तथा क्या वह जरूरतों को पूरा करने में सक्षम है या नही।

                         Process of Feasibility Study

फिजिबिलिटी विश्लेषण में आठ चरण शामिल किये जाते है,जो निम्नाकित है |
1. प्रोजेक्ट दल का गठन तथा प्रोजेक्ट लीडर को कार्य सौपना |
2. सिस्टम फ्लो की रचना करना |
3. संभावित कैंडिडेट सिस्टम का पता लगना |
4. कैंडिडेट सिस्टम की विशेषताओं को पहचानना एवं उनका वर्णन करना |
5. प्रत्येक कैंडिडेट सिस्टम के निष्पादन और लागत सम्बन्धी प्रभावशीलता का पता लगाना एवं गणना करना |
6. सिस्टम प्रदर्शन तथा लागत डाटा का मूल्यांकन करना |
7. सर्वश्रेष्ठ कैंडिडेट सिस्टम का चयन करना |
8. अंतिम प्रोजेक्ट डायरेक्टिव तैयार करना तथा प्रबंधन को सौपना |

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Saturday, June 8, 2019

fact-finding technique ( फैक्ट फाइंडिंग तकनीक क्या होती है ? ) - Technology hindi Solution

June 08, 2019 0

          फैक्ट फाइंडिंग तकनीक क्या होती है ?

fact-finding technique (फैक्ट फाइंडिंग तकनीक क्या होती है?),जिसमें मौजूदा दस्तावेजों, शोध, अवलोकन, प्रश्नावली, साक्षात्कार, प्रोटोटाइप का प्रयोग किया जाता है। 
fact-finding technique ( फैक्ट फाइंडिंग तकनीक क्या होती है ? )

फैक्ट फाइंडिंग तकनीक डाटा और सूचना के संग्रह की प्रक्रिया है जिसमें मौजूदा दस्तावेजों, शोध, अवलोकन, प्रश्नावली, साक्षात्कार, प्रोटोटाइप का प्रयोग किया जाता है। सिस्टम विश्लेषक मौजूदा सिस्टम को विकसित और कार्यान्वित करने के लिए उपयुक्त तथ्य-खोज तकनीकों (Fact finding techniques) का उपयोग करता है। फैक्ट-फाइंडिंग तकनीकों का उपयोग सिस्टम डेवलपमेंट लाइफ साइकिल के शुरुआती चरण में किया जाता है जिसमें सिस्टम विश्लेषण चरण, डिज़ाइन और इसके प्रयोग में लग जाने के बाद की समीक्षा शामिल है।

जब किसी सिस्टम को डेवेलप किया जाना होता है, तो पहले उस सिस्टम के बारे में बहुत सी जानकारी एकत्रित करनी होती है, जिससे उस सिस्टम का SRS (Software Requirements Specification) डॉक्यूमेंट तैयार किया जा सके| इस डॉक्यूमेंट में विकसित किये जाने वाले सिस्टम या सॉफ्टवेयर के इच्छित उद्देश्य और व्यवहार का पूर्ण विवरण होता है| इस डॉक्यूमेंट से ये भी पता चलता है कि सिस्टम क्या काम करेगा और इसका प्रदर्शन कैसा रहेगा| तो यदि हम चाहते हैं की हमारे सिस्टम का SRS डॉक्यूमेंट अच्छा बने तो हमें तथ्य खोजने की विभिन्न तकनीकों का बेहतर ढंग से प्रयोग करना पड़ेगा|

                      खोजने की तकनीक (Fact finding techniques)

मौजूदा दस्तावेजों की समीक्षा करना (Review of Records, Procedures, and Forms)
साक्षात्कार (interview)
प्रश्नावली (questionnaire)
ऑनसाइट अवलोकन (onsite observation)

मौजूदा दस्तावेजों की समीक्षा करना (Review of Records, Procedures, and Forms)

सिस्टम और संगठन से संबंधित जानकारी पहले से ही कुछ प्रकार के दस्तावेजों और रिकॉर्ड (जैसे सिस्टम यूजर मैनुअल, सिस्टम रिव्यू / ऑडिट, ब्रोशर आदि) में उपलब्ध होती है, या समाचार पत्रों, पत्रिकाओं, पत्रिकाओं आदि जैसे स्रोतों में प्रकाशित होती है। पहले से उपलब्ध दस्तावेज का अध्ययन, तथ्य और जानकारी इकट्ठा करने का सबसे तेज़ और स्वतंत्र तरीका होता है, जिसके आधार पर विश्लेषक आगे के अभ्यास के लिए प्रश्न तैयार कर सकते हैं।

मौजूदा दस्तावेजों की समीक्षा करने के लाभ

यह उपयोगकर्ताओं को संगठन या संचालन के बारे में कुछ ज्ञान प्राप्त करने में मदद करता है|
यह कम से कम समय में वर्तमान प्रक्रिया के प्रारूप और कार्यों का वर्णन करने के लिए सबसे अच्छा तरीका है क्यूंकि किसी भी उपयोगकर्ता के कार्यों के बारे में इनमे पहले से ही सही जानकारी लिखी होती है।
यह संगठन में किये गए लेनदेन, प्रोसेसिंग के लिए इनपुट की पहचान और प्रदर्शन का मूल्यांकन करने के बारे में एक स्पष्ट समझ प्रदान कर सकता है।
यह एक विश्लेषक को संचालन के संदर्भ में प्रणाली को समझने में मदद कर सकता है|
यह समस्या, इसके प्रभावित भागों और प्रस्तावित समाधान का वर्णन करता है।

साक्षात्कार (interview)

इस विधि का उपयोग समूहों या व्यक्तियों से जानकारी एकत्रित करने के लिए किया जाती है। विश्लेषक उन लोगों का चयन करता है जो साक्षात्कार के लिए सिस्टम से संबंधित हैं। इस पद्धति में विश्लेषक लोगों के साथ आमने-सामने बैठता है और उनकी प्रतिक्रियाओं को रिकॉर्ड करता है जिसके द्वारा विश्लेषक मौजूदा प्रणाली, उसकी समस्या और प्रणाली के बारे में सीखते हैं। साक्षात्कार कर्ता को पहले से ही इस प्रकार के प्रश्नों की योजना बनानी चाहिए जो वह पूछने जा रहा है और किसी भी प्रकार के प्रश्न का उत्तर देने के लिए तैयार होना चाहिए।

इंटरव्यू के द्वारा एकत्रित की गई जानकारी काफी सटीक और विश्वसनीय होती है, क्योंकि इसमें साक्षात्कार कर्ता स्वयं वहां मौजूद होता है और किसी संदेह की स्थिति में तुरंत नयी जानकारी प्राप्त कर सकता है। यह विधि गलतफहमी के क्षेत्रों को दूर करने और भविष्य की समस्याओं के बारे में चर्चा करने में मदद करती है।

                                     इंटरव्यू के दो प्रकार हो सकते हैं

असंरचित साक्षात्कार (Unstructured Interview) – सिस्टम एनालिस्ट सिस्टम की बेसिक जानकारी हासिल करने के लिए सवाल-जवाब बैठक आयोजित करता है।

संरचित साक्षात्कार (Structured Interview) – इसमें मानक प्रश्न होते हैं जिसके अंतर्गत उपयोगकर्ता को वर्णनात्मक या ऑब्जेक्टिव प्रारूप में जवाब देने की आवश्यकता होती है। जिसे हम ओपन सेशन और क्लोज सेशन भी बोल सकते हैं|

साक्षात्कार के लाभ

यह विधि अक्सर विशिष्ट जानकारी इकट्ठा करने का सबसे अच्छा स्रोत है।
यह उनके लिए उपयोगी है, जो लिखित रूप में प्रभावी ढंग से संवाद नहीं कर पाते हैं या जिनके पास                    प्रश्नावली को पूरा करने का समय नहीं है।
जानकारी को आसानी से मान्य किया जा सकता है और तुरंत क्रॉस चेक किया जा सकता है।
इसके जरिये जटिल विषयों के बारे में भी जानकारी प्राप्त की जा सकती है|
किसी की राय मांगकर महत्वपूर्ण समस्या का पता लगाना आसान होता है।
यह गलतफहमी को कम करता है और भविष्य में होने वाली समस्याओं को कम करता है।

प्रश्नावली (questionnaire)

इस विधि के जरिये लिखित और निर्धारित प्रारूप में व्यक्ति से जानकारी मांगी जाती है। यह जानकारी इकट्ठा करने का एक तेज़ तरीका है यदि उत्तरदाता भौगोलिक रूप से अलग अलग जगह पर हैं या साक्षात्कार के लिए ज्यादा समय नहीं है। इसके अंतर्गत प्रश्न किसी भी प्रकार के हो सकते हैं: संरचित या असंरचित। संरचित प्रश्न में उत्तर YES / NO के रूप में, कई विकल्पों में से एक विकल्प का चयन, रेटिंग, रिक्त स्थान आदि के रूप में हो सकते हैं| वहीँ असंरचित प्रश्न में किस व्यक्ति से उसकी राय पूछी जा सकती है और वह स्वतंत्र रूप से इसका उत्तर दे सकता है।

प्रश्नावली के लाभ

• यह उपयोगकर्ताओं के हितों, दृष्टिकोण, भावनाओं और विश्वास के सर्वेक्षण में बहुत प्रभावी है जो सह-स्थित            नहीं  हैं।
• किसी स्थिति में यह जानना उपयोगी है कि दिए गए समूह के किस अनुपात में प्रस्तावित प्रणाली की किसी           विशेषता का अनुमोदन या अस्वीकृति है।
• सिस्टम प्रोजेक्ट को कोई विशिष्ट दिशा देने से पहले समग्र राय निर्धारित करना उपयोगी होती है।
• यह अधिक विश्वसनीय होता है क्यूंकि इसमें उत्तरदाताओं की ईमानदार प्रतिक्रियाओं की उच्च गोपनीयता होती    है।
• यह तथ्यात्मक जानकारी का चुनाव करने और सांख्यिकीय डेटा संग्रह के लिए उपयुक्त है जिसे ईमेल और डाक द्वारा भेजा जा सकता है।

ऑनसाइट अवलोकन (onsite observation)

इस तकनीक में, विश्लेषक संगठन में भाग लेता है, दस्तावेजों के प्रवाह का अध्ययन करता है, मौजूदा प्रणाली को लागू करता है, और उपयोगकर्ताओं के साथ बातचीत करता है। अवलोकन एक उपयोगी तकनीक हो सकती है क्यूंकि इसमें विश्लेषक उपयोगकर्ता के दृष्टिकोण को समझ पाता है। इस तकनीक का उपयोग करके, सिस्टम विश्लेषक यह जान सकते हैं कि कर्मचारी अपना दिन किन किन कार्यों की करने में बिताते हैं।

ऑनसाइट अवलोकन के लाभ

यह जानकारी प्राप्त करने का एक सीधा तरीका है।
यह उस स्थिति में उपयोगी है जहां एकत्र किए गए डेटा की प्रामाणिकता सवाल में है या जब सिस्टम के                कुछ पहलुओं की जटिलता उपयोगकर्ताओं द्वारा अच्छे से स्पष्ट नहीं की जा पा रही है।
यह अधिक सटीक और विश्वसनीय डाटा का उत्पादन करता है।

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